Asar Ki Namaz Me Kitni Rakat Hoti Hai – असर की नमाज में कितनी रकात होती है?

आज यहां पर आप एक बहुत ही अहम व निहायत जरूरी बात यानी कि असर की नमाज की रकात जानेंगे, हमने यहां पर इस जरूरी इल्म को बहुत ही आसान और बेहद ही साफ लफ़्ज़ों में लिखा है।

जिसे आप आसानी से असर की नमाज में कितनी रकात और कौन कौन सी रकात नमाज पढ़ी जाती है इसे पूरी तरह वाकीफ हो जाएंगे फिर इसके बाद आप आसानी से असर की नमाज मुकम्मल कर पाएंगे।

Asar Ki Namaz Me Kitni Rakat Hoti Hai

असर की नमाज में कुल मिलाकर सब 8 रकात होती है सबसे पहले आप असर के वक्त हो जाए यानी असर की अज़ान हो जाए तो 4 रकात सुन्नत गैर मुअक्किदह की नमाज अदा करें फिर 4 रकात फर्ज पढ़ें।

अगर आप असर की नमाज अदा करने के लिए मस्जिद में जाएंगे तो आप वहां पर असर की 4 रकात फर्ज जमाअत यानी इमाम के साथ अदा करेंगे। लेकीन 4 रकात सुन्नत नमाज हमेशा अकेले में ही अदा करनी है।

हमारी मां बहने जो अपने ही दौलतखाने पे नमाज अदा करती हो उन्हें भी असर का वक्त हो जानें पर सबसे पहले 4 रकात सुन्नत नमाज अदा करना होता है फिर अकेले में ही असर की 4 रकात फर्ज भी मुकम्मल करना होता है।

नमाज का नामअसर की नमाज
सुन्नतों की संख्या4 रकात
फर्जों की संख्या4 रकात
टोटल रकात8 रकात
Asar Ki Namaz Ki Rakat

इससे भी पढ़ें:- असर की नमाज़ का सही तरीका

असर की नमाज में कितनी रकात फर्ज होती है?

असर की नमाज में सिर्फ 4 रकात की फर्ज नमाज एक सलाम के साथ यानी एक बार की ही नियत में पुरा 4 रकात फर्ज नमाज अदा करना होता है इस नमाज को आप दो तरीके से मुकम्मल कर सकते हैं।

सबसे पहला आप 4 रकात असर की फर्ज नमाज अकेले में यानी तन्हा खुद नियत करके खुद तकबीर कहते हुए मुकम्मल करेंगे और दुसरा तरीका यह है कि आप इसे जमात के साथ भी अदा कर सकते हैं मस्ज़िद में जमात के साथ असर की 4 रकात फर्ज अदा की जाती है।

असर की नमाज में कितनी रकात सुन्नत होती है?

असर की नमाज में सुन्नत नमाज की रकात 4 होती है इसे भी एक सलाम में मुकम्मल किया जाता है इस 4 रकात सुन्नत नमाज को असर का वक्त होने पर सबसे पहले अदा करना होता है इसके बाद ही 4 रकात वाली फर्ज नमाज अदा करना चाहिए।

अगर किसी वजह से ताखीर हो जाए तो आप इसे फर्ज नमाज के बाद भी अदा कर सकते हैं यह जमात वालों के लिए है अगर आप अकेले में यानी पुरा 8 रकात तन्हा अदा करना हो और वक्त असर का अभी भी बचा हो तो पहले 4 रकात सुन्नत फिर 4 रकात फर्ज पुरा करें।

क्या असर की नमाज में नफ्ल नमाज पढ़ी जाती है?

हमने देखा कि बहुत लोग इस बात को लेकर कन्फ्यूज हैं कि क्या असर की नमाज में नफ्ल नमाज भी अदा की जाती है तो इसका जवाब नहीं है यानी असर की नमाज के साथ नफ्ल अदा करना नहीं होता है।

लेकिन आप पढ़ना चाहते हैं तो बिल्कुल पढ़ा कीजिए इससे आपके नमाए अमाल में नेकियों का इज़ाफा होगा हमारा रब अल्लाह का वो बंदा और भी प्यारा होता है जो जरूरी नमाज के साथ नफ्ल इबादत करता है।

असर की नमाज में 8 रकात कौन कौन सी होती है?

असर की नमाज में 8 रकात में 4 रकात सुन्नत गैर मुअक्किदह और 4 रकात फर्ज होती है सबसे पहले 4 रकात की सुन्नत अदा करना होता है फिर इसके बाद 4 रकात फर्ज अदा करना होता है।

लेकिन जैसे हमने उपर में ही बताया कि अगर आप जमात वाले जगह पर जैसे मस्जिद में उस वक्त दाखिल हुए जब फर्ज की जमात अदा हो रहा हो या होने वाला हो तो आप पहले जमात में शामिल हो जाएं फिर बाद में 4 रकात सुन्नत अदा करें।

असर की नमाज की पुरी रकात यह है।

  • 4 रकात सुन्नत
  • 4 रकात फर्ज

फिर एक दफा आपको बता दें कि असर का वक्त हो जाए तो सबसे पहले 4 रकात की सुन्नत अदा करें फिर 4 रकात फर्ज अदा करें।

FAQs

असर की नमाज में क्या पढ़ते हैं?

हर नमाज की तरह असर की नमाज में भी सूरह फातिहा, सूरह, तकबीर, अत्तहियात, दुरूद शरीफ और दुआए मासूरह पढ़ते हैं।

असर की नमाज कब तक पढ़ सकते हैं?

असर की नमाज सूरज के डूबने से 20 मिनट के पहले पहले मुकम्मल कर लेना चाहिए इसके बाद का वक्त मकरूह हो जाता है।

आख़िरी बात

आप ने इस पैग़ाम में बहुत ही जरूरी बात यानी कि असर की नमाज की रकात से जुड़ी मुकम्मल तालिम हासिल की इसे पढ़ने के बाद आप असर की नमाज की रकात से जुड़ी हर सवाल का जवाब पा गए होंगे और अब आप आसानी से असर की नमाज बेखलल अदा कर पाएंगे।

अगर अभी भी आपके मन में असर की नमाज की रकात से जुड़ी कोई सवाल या फिर किसी भी तरह का कोई डाउट हो तो आप नीचे की जानिब कॉमेंट बॉक्स के ज़रिए अपना सवाल का राब्ता कर सकते हैं हम कोशिश करेंगे कि आप के सवाल का जवाब जल्द से जल्द पेश करें।

अगर यह पैगाम आपको अच्छा लगा हो यानी इस पैग़ाम से जो कुछ भी आपको हासिल हुई हो तो जिन्हें ना मालुम हो उन्हें अपने से बताएं साथ सोशल नेटवर्क के माध्यम से भी ज्यादा से ज्यादा फैलाएं जिसे सबकी दीनी तालीम दुरूस्त हो जाए साथ ही अपने नेक दुआओं में हमें भी याद रखें।

My name is Muhammad Ittequaf and I'm the Editor and Writer of Zoseme. I'm a Sunni Muslim From Ranchi, India. I've experience teaching and writing about Islam Since 2019. I'm writing and publishing Islamic content to please Allah SWT and seek His blessings.

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