Bukhar Ki Dua In Hindi – बुखार उतारने की दुआ हिंदी में

आज के इस खूबसूरत लेख में आप बहुत ही रहमत व बरकत भरी दुआ यानी कि बुखार की दुआ जानेंगे हमने यहां पर बुखार की दुआ बहुत ही आसान लफ्ज़ों में हिंदी इंग्लिश और अरबी जबान में लिखा है।

जिसे आप बुखार की दुआ बहुत ही आसानी से पढ़ कर अपने जहन में भी बसा लेंगे, इसके बाद आपको कहीं पर भी बुखार की दुआ देखने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी आप ध्यान से पढ़ कर याद भी कर लें।

इसे फ़ायदा यह होगा कि जब कभी आपको या आपके अहलो अयाल या किसी अज़ीज़ को बुखार लगे तो उसपे आप बुखार की दुआ पढ़ कर उसे शिफा दिला दें और खुद पे भी पढ़ कर आप शिफा पा लें।

Bukhar Ki Dua In Hindi

बिस्मिल्लाहील कबिर अउजुबिल्लाहिल अज़िम मिन शर्रि कुल्लि अर्किन ना-आरिन व मिन शर्रि हर्रिन्नार

तिर्मिजी 20:4

इसे भी पढ़ें: बुरी नज़र से बचने की दुआ

Bukhar Ki Dua In Arabic

بِسْمِ اللَّهِ الْكَبِيرِ اَعُوْذُ بِاللّٰهِ الْعَظِيْمِ مِنْ شَرِّ كُلِّ عَرْقٍ نَعَّارٍ وَمِنْ شَرِّ حَرِّ النَّار

Bukhar Ki Dua In English

Bismillaaheel Kabeer Aujoobilaaheel Azeem Min Sharree Qulli Arkeen Naa-Areen Wa Min Sharree Harrinnaar

Bukhar Ki Dua Ka Tarjuma

किब्रियाई वाले अल्लाह पाक के नाम से मैं हर जोश मारने वाली रग की बुराई से और आग की तपिश की शर से, अजमत वाले रब की पनाह चाहता हूं।

Bukhar Ki Dua In Hindi image

अगर आप भी बुखार की दुआ का इमेज की तलाश कर रहे हैं तो आप भी इस बुखार की दुआ का हिंदी इमेज को अपने डिवाइस में सेव कर लें, इसका फ़ायदा यह होगा कि आप कभी भी बगैर इंटरनेट के भी बुखार की दुआ पढ़ सकते हैं।

Bukhar Ki Dua
Bukhar Ki Duai

बुखार की दुआ से जुड़ी कुछ बातें

  1. बुखार की दुआ यकीन के साथ पढ़ने से जल्द खुदाए तआला बुखार से शिफा देता है।
  2. बुखार की दुआ पढ़ने से बुखार के साथ साथ दर्द, दुखती रग से भी निजात मिलती है।
  3. बुखार की दुआ या फिर कोई भी कुरआनी या मस्नुन दुआ पढ़ने से नेकियां हासिल होती है।

बुखार की दुआ से जुड़ी एक खास हदिस

एक रिवायत में है कि जब उन लोगों ने सरकारे मदीना हुजूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम से बुखार का शिकवा किया तो आप सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया:

अगर तुम चाहो तो मैं तुम्हारे लिए अल्लाह से दुआ करूं कि वो इसे तुमसे दुर फरमा दे और अगर तुम चाहो तो इसे रहने दो यह तुम्हारे बकिय्या गुनाह झाड़ देगा इस पे उन्होंने अर्ज़ किया या रसूलल्लाह फिर इसे रहने दें।

बुखार से जुड़ी कुछ बेहतरीन व ख़ास हदीस

सहाबीये रसूल‌ हज़रते अबू हुरैरा रजि अल्लाहु तआला अन्ह फ़रमाते हैं हुजूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि‌ वसल्लम ने बुखार वाले एक मरीज की इयादत फ़रमाई।

मैं भी हुजूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम के साथ था आप सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने उन से इरशाद फ़रमाया तुम्हें मुबारक हो क्यूंकि अल्लाह तआला फरमाता है।

बुखार मेरी आग है मैं दुनिया में अपने मोमिन बन्दे को इस में मुब्तला करता हूं ताकि कियामत के दिन जहन्नम की आग का बदला हो जाए – इब्ने माजा।

बुखार आने के कुछ बेहतरीन फ़ायदे

अल्लाह पाक की तरफ़ से आने वाली आजमाईश पर रिजाए इलाही के लिए सब्र करना चाहिए ऐसा इस लिए क्यूंकि बारहा जिस्मानी बीमारियां रहमते खुदावंदी का सबब हुआ करती है:-

  • बुखार होने से गुनाह ठीक उसी तरह से ख़त्म होती है जैसे भट्ठी लोहे से जंग हटा देती है।
  • हदीस ए मुबारक में बुखार के बारे में फ़रमाया गया है कि बुखार में फौत होने वाला शहीद है।
  • जब तक कोई बुखार में मुब्तला रहता है उसकी रग फड़कने के बदले में नेकियां मिलती रहती है।
  • एक रात किसी को बुखार रहा तो वो गुनाह से ऐसा हो जाता है जैसे उस दिन ही वो जना यानी पैदा हुआ हो।
  • बुखार इंसान यानी आशिक ए रसूल की गुनाह इस तरह मिटा देता है जिस तरह दरख़्त अपने पत्तों को गिरा देता है।

FAQs

बुखार उतारने की दुआ क्या है?

बुखार उतारने की दुआ ‘बिस्मिल्लाहील कबिर अउजुबिल्लाहिल अज़िम मिन शर्रि कुल्लि अर्किन ना-आरिन व मिन शर्रि हर्रिन्नार’ है।

बुखार उतारने की दुआ कब पढ़ना चाहिए?

बुखार उतारने के लिए इस दुआ को कभी भी पढ़ सकते हैं अगर बुखार लंबे समय तक चल रही हो तो सुबह शाम कसरत से पढ़ें यही अफजल है।

आख़िरी बात

आप ने इस पैग़ाम में बहुत ही उम्दा खास किस्म और बहुत ही फजीलत भरी दुआ बुखार की दुआ हिंदी में जाना साथ ही हम ने यहां प र बुखार की दुआ इंगलिश और अरबी में भी लिखा था जिसे आप अपने पसंदीदा भाषा में आसानी से बुखार की दुआ पढ़ कर शिफा पा सकें।

इस दुआ को आप पुरा यकीन के साथ पढ़ें आप यकीनन बुखार से शिफा पाएंगे क्योंकि आप को भी मालूम होगा खुदा से बड़ा कोई तबीब या डॉक्टर नहीं वो जब चाहे तब दुनिया में अपना जलवा बिखेर दे क्योंकि देने वाला रब ही है अगर अभी भी आप के मन में कोई डाउट हो तो कॉमेंट करके ज़रूर पूछें।

अगर यह पैगाम आपको अच्छा लगा हो यानी इस पैग़ाम से कुछ भी आपने हासिल की हो तो ऐसे बातें को जिन्हें जरुरत ही उन्हें जरूर बताएं साथ ही इस पैग़ाम को सोशल नेटवर्क पर खूब फैलाएं और एक जरूरी बात अपने नेक दुआओं में हमें भी याद रखें शुक्रिया।

My name is Muhammad Ittequaf and I'm the Editor and Writer of Zoseme. I'm a Sunni Muslim From Ranchi, India. I've experience teaching and writing about Islam Since 2019. I'm writing and publishing Islamic content to please Allah SWT and seek His blessings.

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